फ़लक का कसूर होगा, जब सितारे साथ न होंगे। हम तो कश्ती है । बिना लहरों के दरियाँ पार न होंगे। बेसक मुंतज़िर रहूँ मैं तुम्हरी याद में। मगर हम तो साहिल है । जो डूब कर भी हर पल साथ होंगे।।।
कुछ मजबूरियां है जिंदगी में, वरना हर पल हम साथ होते । न होते जुदा तुमसे एक पल के लिए भी, जो तेरे पास होने की आस होती । इंतज़ार करता मैं जिंदगी भर तेरा, बस मुझे तेरे तलबगार की ज़रूरत होती।
चाह कर भी तुझे न भूल पाऊँगा मैं। अपनी ही हस्ती को खुद से न मिटा पाऊँगा मैं । ये बात और है की किस्मत हमे जुदा कर दे। मगर बेवफ़ाई कर के भी वफ़ा कर जाऊँगा मै। मत सोचना की वादे से मुकर जाऊँगा मैं । ये बात और है की तेरी खुशी के लिये दूर चला जाऊँगा मैं । चाह कर भी न कभी पास आऊँगा मैं । अपनी ही दुनिया से बेनाम हो जाऊँगा मैं। ये बात और है की शिला बेवफ़ाई का मिले। मगर घुट-घुट कर सितम सह जाऊँगा मैं।।।