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ग़मो की दुनिया

गमों की दुनिया से निकल कर जो कुछ पल तेरे संग जो जिया बस वही जिया हूं मैं।  ना कुछ वास्ता था मेरा खुशियों से जो कुछ पल हंसा हूं तेरे संग, बस वही हंसा हूं मैं।  अब तू रुखसत हो गई है मुझसे तो फिर अब उसी अंधेरे में चला गया हूं मैं । कशमकश बनी है कुछ यूं ही जिंदगी अपनी समझ नहीं आता जी रहा हूं या मर गया हूं मैं।

खुशियां 💔

             तेरे जाने से जिंदगी बेमुकाम हो गई है ,         अब तो इंतज़ार है बस सांसो के गुमराह होने का !    ऐ खुदा ! देना उसे तु रकीब के संग खुशियाँ सारे जहां का💔

इंतजार की हद!

तेरे जाने के बाद भी हमने सिर्फ तुझसे ही प्यार किया, इंतजार की भी एक हद थी, फिर भी तुझ पर ही ऐतबार किया।  वक्त का तकाजा लिए बैठे रहे हम तेरे इंतजार में,  मगर फिर भी ना कभी तुमने कोशिश की बात की, और ना ही कभी हमने आवाज दिया।

कितना प्यार !

तुमसे मिलकर फिर तुमसे ही मिलने की आस करते हैं।  तेरे जाने के बाद हर पल, हर लम्हा बस तुझे ही तो याद करते हैं।  जो तुम ना हो तो हम बहुत उदास रहते हैं।  अब तुम्हें कैसे बताएं कि हम तुम्हें कितना प्यार करते हैं।

कुछ नहीं था पास 💔

 बहुत सारा प्यार देकर मुझे मोहब्बत सिखा दिया उसने!  अफसोस कुछ न था पास मेरे, बस उन्हे चाहने के सिवा.....  शायद तभी खुद से रुखसत कर दिया मुझे उसने!

खुदगर्ज

 खुद को इतना खुदगर्ज भी मत बनाओ  कि तुम्हारा जमीर भी तुम्हें बेवफा कहने लग जाए।

जिंदगी 💔

                   हालात बदल गए।                   जज़्बात बदल गए।              कभी थी उन्हें पाने की तमन्ना         मगर आज जिंदगी के किरदार बदल गए।