मजबूरियां -!-
चाह कर भी तुझे न भूल पाऊँगा मैं।
अपनी ही हस्ती को खुद से न मिटा पाऊँगा मैं ।
ये बात और है की किस्मत हमे जुदा कर दे।
मगर बेवफ़ाई कर के भी वफ़ा कर जाऊँगा मै।
मत सोचना की वादे से मुकर जाऊँगा मैं ।
ये बात और है की तेरी खुशी के लिये दूर चला जाऊँगा मैं । चाह कर भी न कभी पास आऊँगा मैं ।
अपनी ही दुनिया से बेनाम हो जाऊँगा मैं।
ये बात और है की शिला बेवफ़ाई का मिले।
मगर घुट-घुट कर सितम सह जाऊँगा मैं।।।
अपनी ही हस्ती को खुद से न मिटा पाऊँगा मैं ।
ये बात और है की किस्मत हमे जुदा कर दे।
मगर बेवफ़ाई कर के भी वफ़ा कर जाऊँगा मै।
मत सोचना की वादे से मुकर जाऊँगा मैं ।
ये बात और है की तेरी खुशी के लिये दूर चला जाऊँगा मैं । चाह कर भी न कभी पास आऊँगा मैं ।
अपनी ही दुनिया से बेनाम हो जाऊँगा मैं।
ये बात और है की शिला बेवफ़ाई का मिले।
मगर घुट-घुट कर सितम सह जाऊँगा मैं।।।
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