*"ख्वाहिश*
प्यार हो गया उनसे, मगर खता नहीं कि बताने की, दर्द बढ़ता गया, सजा थी ना दूर रह पाने की, कुछ दिन दूर होकर उनसे करा ही दी मोहब्बत से रूबरू उनको आज तो ख्वाहिश है बस एक दूसरे की बाहों में रहने की!! ...