अगर तू रूक जाती........
अगर तू रूक जाती,मेरे एक एतबार पर,
तो शायद तुझे चाहे एक जमाना नही होता।
आज भी होती तू ,इस दिल की मुमताज,
किसी रक़ीब से मेरा फ़साना नही होता।
हालांकि आज भी है एक तस्वीर तेरी इस दिल पर,
मगर तेरी यादों का कोई तराना नही होता।
कैसे लगाऊ मैं बेवफ़ाई का इल्ज़ाम खुद पर,
अपनी बेवफ़ाई का सबब हमे बताना नही होता।।
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