दिल की बात ......
मेरी जिंदगी की किताब मे एक नाम उसका है,
जो ना मिट सका,वो एक पैगाम उसका है।
ख्वाहिश थी उसकी पा लूँ ,मैं मंजिल को अपनी,
मगर जो न मिल सका ,बस एक साथ उसका है।
हर पल मुन्तजिर हूँ मैं यादो मे उसकी,
न बनू मैं किसी का,ये अरमान उसका है।
तड़पे हज़ारो दिल मगर हासिल न मैं हुया,
मिलेगे ज़रूर एक दिन, ये ऐतबार उसका है।
जो ना मिट सका,वो एक पैगाम उसका है।
ख्वाहिश थी उसकी पा लूँ ,मैं मंजिल को अपनी,
मगर जो न मिल सका ,बस एक साथ उसका है।
हर पल मुन्तजिर हूँ मैं यादो मे उसकी,
न बनू मैं किसी का,ये अरमान उसका है।
तड़पे हज़ारो दिल मगर हासिल न मैं हुया,
मिलेगे ज़रूर एक दिन, ये ऐतबार उसका है।
मेरी जिंदगी की किताब में इक नाम उसका है ||
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