अधूरी कहानी 2
खता मेरी नही हुक्मरानो की है, बेवफ़ाई का सबब हमे मत देना । किसी दिन दस्तक देगे दर पर तेरे , पहचान लेना इनकार मत देना। माना की कसूरवार मैं तेरा हूँ , मगर तुम भी प्यार की सफाई मत देना। इक्तिज़ा होगी अगर हमे मोहब्बत की , तो नर्गिस से अपनी निहां मत देना। भर लेना मुझे अपनी आग़ोश मे इश्र तक, तारीकी मे ही जागा मत देना। मैं खुद ही चला जाऊँगा दुनिया से तेरी, मुझे प्यार की दुहाई मत देना। जो कभी याद...